अच्छाई देने वाले [सत्त्व] गुणों के साथ किए गए कार्य शुभ परिणाम देते हैं; लेकिन, अत्यधिक इच्छाओं [राजस] के साथ किए गए कार्य दुःख लाते हैं; अज्ञानता [तमस] के साथ किए गए कार्य अंधकार उत्पन्न करते हैं।
भगवान श्री कृष्ण
⚖️ तुम्हारे कर्मों की गुणवत्ता तुम्हारी जिंदगी को कैसे बदलती है?
कुरुक्षेत्र में, तीन गुणों का वर्णन किया गया है। आज के तुम्हारे कर्मों में वे कैसे प्रतिबिंबित होते हैं?
- सत्व का प्रकाश — सत्व तुम्हारे मन में स्पष्टता लाता है।
💭 तुम्हारे दैनिक कर्मों में कौन सा गुण अधिक प्रतिबिंबित होता है?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।